
द अवेयर, बीजापुर :- पुजारी कांकेर के कर्रेगुट्टा पहाड़ में ग्रेहाउंडस तेलंगाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में शामिल सेंट्रल रीजनल ब्यूरो सी सी प्रोटेक्शन ग्रुप कमांडर ने सपत्नीक छोड़ा नक्सलवाद।

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी0 के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत उड़ीसा स्टेट कमेटी अन्तर्गत कालाहांडी-कंधमाल-बोध-नयागढ़ डिविजन, एवं तेलंगाना स्टेट कमेटी में कार्यरत सेंट्रल रिजनल ब्युरो सीसी प्रोटेक्शन गु्रप कमाण्डर राजू कारम(एसीएम) पिता बुदरू कारम उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया ग्राम एड़समेटा थाना गंगालूर एवं सुनिता कारम(एसीएम) पति राजू कारम उम्र 21 वर्ष ग्राम मंडीमरका थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा ने आज दिनांक 09.08.2021 को उप महानिरीक्षक केरिपु श्री कोमल सिंह, पुलिस अधीक्षक बीजापुर श्री कमलोचन कश्यप, केरिपु 85 बटालियन कंमाडेंट श्री यादवेन्द्र सिंह यादव अति.पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ0पंकज शुक्ला के समक्ष, माओवादियो की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार एवं प्रताड़ना से तंग आकर एवं भारत के संविधान में विश्वास रखते हुये, छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किये । छत्तीसगढ़ शासन की माओवादियों के ईनाम नीति के तहत् आत्मसमर्पित दोनों माओवादियों के धारित पद. पर 8-8 लाख का ईनाम घोषित है ।
राजू कारम (एसीएम) सेंट्रल रिजनल ब्यूरो (सी.सी. प्रोटेक्शन ग्रुप कमाण्डर)
संगठन द्वारा धारित पद पर ईनाम :- 08.00 लाख, धारति हथियार -एस.एल.आर रायफल
माओवदी संगठन में कार्य का विवरण :-
- वर्ष 2013 में गंगालूर एरिया कमेटी सरकार अध्यक्ष के द्वारा संगठन में पीएलजीए सदस्य के रूप में भर्ती किया गया। इस दौरान ग्राम एड़समेटा के जंगल में 10 दिन का प्रशिक्षण दिया।
- अक्टुबर 2013 में सीसी मेम्बर जम्पन्ना उर्फ जगु नरसिम्हा रेड्डी के गार्ड के लिए उडीसा भेज दिया।
- उड़ीसा में वर्ष 2013 से 2017 तक कार्य किया ।
- वर्ष 2017 में सीसी जम्पन्ना के द्वारा तेंलंगाना पुलिस के समक्ष समर्पण के पूर्व तेंलंगाना स्टेट कमेटी के प्रभारी एवं सीसी सदस्य हरिभूषण के साथ कार्य करने हेतु तेलंगाना स्टेट कमेटी में भेजा गया ।
सेंट्रल रिजनल ब्युरो में सी.सी. प्रोटेक्शन ग्रुप में कमाण्डर की जिम्मेदारी दिया गया । इस दौरान हथियार एलएलआर रायफल दिया गया । इस पद पर मार्च 2021 तक कार्य कर रहा था।
सुनिता कारम (एसीएम) सेंट्रल रिजनल ब्यूरो (सी.सी. प्रोटेक्शन ग्रुप सदस्या)
संगठन द्वारा धारित पद पर ईनाम :- 8.00लाख , धारति हथियार -इंसास रायफल
माओवदी संगठन में कार्य का विवरण :-
- वर्ष 2014 में जगरगुड़ा-पामेड़ एरिया कमेटी/एसीएम कमलेश ताती के द्वारा संगठन में पीएलजीए सदस्या के रूप में भर्ती किया गया।
- जुलाई 2014 में ग्राम चिन्नाबोड़केल के जंगल में मंगेश एसीएम के द्वारा 30 दिन प्रशिक्षण दिया गया।
- अगस्त 2014 में बासागुड़ा एलओएस कमाण्डर अनिता कुरसम के साथ काम किया ।
- जनवरी 2015 में सीसी जम्पन्ना उर्फ जगु नरसिम्हा रेड्डी के गार्ड ड्युटी के लिए उड़ीसा भेज दिया गया। इस दौरान हथियार सिंगल शॉट बंदुक रखती थी। जहां वर्ष 2017 तक कार्य की ।
- जनवरी 2021 में तेलंगाना स्टेट कमेटी प्रभारी एवं सीसी सदस्य हरिभूषण के द्वारा सेंट्रल रिजनल ब्यूरो सी.सी. प्रोटेक्शन ग्रुप सदस्या के पद पर जिम्मेदारी दिया गया । इस दौरान हथियार इंसास रायफल दिया गया । जनवरी 2021 से अब तक इस पद पर काम कर रही थी।
महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल –
- फरवरी 2015 में ग्राम डोंडाजोड़ी थाना फुलबानी, जिला कंधमाल, (उड़ीसा) में पुलिस और माओवादियांं के साथ हुये मुठभेड़ में शामिल ।
- जून 2015 में ग्राम लुबेंदगढ़ थाना रामपुर, जिला कालाहण्डी (उड़ीसा) में पुलिस और माओवादियों के बीच हुये मुठभेड़ में शामिल ।
- मई 2016 में ग्राम बोगबेड़ा थाना रामपुर, जिला कालाहण्डी, (उड़ीसा) में पुलिस एवं माओवादियों के बीच हुये हमले में शामिल ।
- जुलाई 2016 में ग्राम पिंडीनदेल थाना फिरिंगिया जिला कंधमाल, (उड़ीसा) पुलिस के साथ हुये मुठभेड़ में शामिल ।
- दिसम्बर 2016 में ग्राम डांड्रीपारा थाना फिरिंगिया, जिला कंधमाल (उड़ीसा) पुलिस के साथ हुये मुठभेड़ में शामिल ।
- मई 2017 में जिला नुवापाड़ (उड़ीसा) से जंगल के रास्ते लौटते वक्त जिला कांकेर के जंगल में पुलिस मुठभेड़ में शामिल ।
दिसम्बर 2017 में ग्राम मुक्काबेली थाना फरसेगढ़ क्षेत्रान्तर्गत पुलिस के साथ हुये मुठभेड़ में शामिल जिसमें प्लाटून नम्बर 02 कमाण्डर संदीप कुरसम उर्फ पर्व घायल हुआ था ।
दिनॉक 02.03 2018 में ग्राम पुजारी कांकेर के कर्रेगुट्टा पहाड़ में ग्रेहाउंडस तेलंगाना पुलिस के साथ मुठभेड़ में शामिल, जिसमें सीआरसी कंपनी नम्बर 02 के माओवादी 09 माओवादी इस घटना में मारे गये एवं 01 पुलिस का जवान शहीद हुआ ।
उपरोक्त माओवादी दम्पत्ति द्वारा माआवादियों की विचारधारा, जीवन शैली एवं भेदभाव पूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर, भारत के सविधान में विश्वास रखते हुये, छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर पुलिस के समक्ष समर्पण किया गया । समर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् रू 10000 – 10000 (दस -दस हजार रूपये) नगद प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया गया।